
विश्व मलेरिया दिवस पर जनजागरूकता का संदेश, मलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी कलेक्टर के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग सक्रिय, जिले को मलेरिया मुक्त बनाने का संकल्प
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल) के अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला छिंदवाड़ा/ पांढुर्णा श्री नरेश गोन्नाडे द्वारा पांढुर्णा जिलेवासियों के लिए जागरूकता संदेश जारी किया गया है। इस वर्ष की थीम “मलेरिया को खत्म करने का संकल्पः अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा” निर्धारित की गई है, जो मलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
भारत सरकार द्वारा वर्ष 2016 में लागू “नेशनल फ्रेमवर्क फॉर मलेरिया एलिमिनेशन 2016-2030” के तहत वर्ष 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य विभाग एवं जनसामुदायिक सहयोग से मलेरिया के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2014 में 4020 मलेरिया पॉजिटिव प्रकरण दर्ज हुए थे, जो वर्ष 2025 में घटकर मात्र 138 रह गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राम स्तर पर आशा एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से बुखार पीड़ितों की नियमित जांच एवं निःशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशक युक्त मच्छरदानियों का वितरण तथा इनडोर रेसिडुअल स्प्रे जैसे प्रभावी उपाय किए जा रहे हैं, जिससे मलेरिया नियंत्रण में सफलता प्राप्त हुई है।
बचाव ही सबसे बेहतर उपाय
जिलेवासियों से अपील की गई है कि वे मलेरिया से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, शाम के समय दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें, मच्छर भगाने वाले साधनों का उपयोग करें तथा पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
मच्छरों के प्रजनन पर रोक जरूरी
खुले जल स्रोतों को स्वच्छ रखें, कहीं भी पानी जमा न होने दें, गड्डों को भरें एवं नालियों की नियमित सफाई करें। पानी भरे स्थानों में गंबूसिया मछली डालने तथा आवश्यकतानुसार तेल का छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने नागरिकों से मलेरिया उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने एवं स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है, ताकि जिले को मलेरिया मुक्त बनाया जा सके।